चमचा
हू. फाइव स्टार होटल के ओपन प्रांगण में ऋषि और मुनियों के बैठे हुजूम थे. हाथों में डंडे थे डंडो में झं...
A collection of poems
हू. फाइव स्टार होटल के ओपन प्रांगण में ऋषि और मुनियों के बैठे हुजूम थे. हाथों में डंडे थे डंडो में झं...
मनुहार– तुम मेरे सूने जीवन में अपने जीवन का रंग भर दो, मनमीत बना लो तुम मुझको इन सांसों में सरगम भर ...
हे देश मेरा अभिमान है तू हे देश मेरी पहचान है तू , हे देश मेरी ही शान है तू हे देश मेरी ही जान है ...
सरकारी नौकरी थी उस पर अफसरी थी. मलाईदार विभाग था टेंशन फ्री दिमाग था. जब मर्जी आते थे जब मर्जी जाते थ...
मैं अपने परिचय के दौरान एक चीज क उल्लेख नहीं कर पाया 90 के दशक में मैं लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक...
जिंदगी वीरान थी पर थोडी मेहरबान थी क्योंकि घर में बीवी थी और ऑफिस में स्वीटी थी, बीवी नचाती थी तो मिस...
अस्पताल एक ऐसी जगह है, जहां पर जिंदगी पैसे के एवज में, किसी और के पास गिरवी होतीहै. सी सी यू के बंद क...