Poems

A collection of poems

चमचा

हू. फाइव स्टार होटल के ओपन प्रांगण में ऋषि और मुनियों के बैठे हुजूम थे. हाथों में डंडे थे डंडो में झं...

मनुहार—-

मनुहार– तुम मेरे सूने जीवन में अपने जीवन का रंग भर दो, मनमीत बना लो तुम मुझको इन सांसों में सरगम भर ...

हे देश मेरी पहचान है तू

हे देश मेरा अभिमान है तू हे देश मेरी पहचान है तू , हे देश मेरी ही शान है तू हे देश मेरी ही जान है ...

सीनियर सिटीजन (एक व्यंग्य कविता)

सरकारी नौकरी थी उस पर अफसरी थी. मलाईदार विभाग था टेंशन फ्री दिमाग था. जब मर्जी आते थे जब मर्जी जाते थ...

एक कुँआरे की आत्मकथा

मैं अपने परिचय के दौरान एक चीज क उल्लेख नहीं कर पाया 90 के दशक में मैं लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक...

बीमारी

जिंदगी वीरान थी पर थोडी मेहरबान थी क्योंकि घर में बीवी थी और ऑफिस में स्वीटी थी, बीवी नचाती थी तो मिस...

जिंदगी

अस्पताल एक ऐसी जगह है, जहां पर जिंदगी पैसे के एवज में, किसी और के पास गिरवी होतीहै. सी सी यू के बंद क...