बीमारी

जिंदगी वीरान थी पर थोडी मेहरबान थी
क्योंकि घर में बीवी थी
और ऑफिस में
स्वीटी थी, बीवी नचाती थी
तो मिस स्वीटी लहराती थी,
घर में मार खाने पर
ऑफिस में सह लाती थी
एक दिन घर को जाते ही
बिल्ली में रास्ता काट दिया
किसी अनहोनी की आशंका
से मैं काप गया
घर के अंदर आते ही
बीवी ने मुस्कुराते हुए कहा
तुम फ्रेश हो जाओ और
मैं चाय पकौड़े बना कर. लाती हूँ
मैं जान गया था अब बचना मुश्किल है
जब जब, बीबी मुस्काई थी
मेरी जेब में आफत आई थी
मेरे पकोड़े मुंह में डालते ही बीवी बोली
मम्मी ने हमें बुलाया है,
छोटे भैया की शादी अगले हफ्ते है

पिछली बार तो तुम पैसे का
रोना लेकर बैठ गए थे
लेकिन अब तो तुम्हारी
प्रमोशन हो गई है
मैं दिल खोल के सारे अरमान
पूरे करूंगी समझ लो
और हाँ खुशी मन से हम लोग जाएंगे
ऐसे मुंह लटका कर के वहां मत घूमना
मैंने हां का सिर हिलाया
मेरा मन काम में नहीं लग रहा था
मैं सोचने लगा
अगर बीमार हो जाऊं
तो कम से कम इस मुसीबत
से छुटकारा मिल जाता
मैंने बीमारी को कई बार याद किया
लेकिन बुलाने पर तो मौत भी नहीं आती
खैर शायद बीमारी को मेरे ऊपर दया आ गई
दूसरे दिन पत्नी किट्टी गई थी
बाहर बेल बजी
देखा तो बीमारी खड़ी थी
मुंह बिचका कर बोली
अब क्या मुसीबत आ गई
मुझको क्यों बुलाया
मैंने कहा थोड़ी प्रॉब्लम में हूं
एक हफ्ते की कोई
छोटी मोटी बीमारी दे दो
वो खीझते हुए बोली
सात दिन के लिए तो
वायरल ही आने को तैयार होगा
वह मुस्कुरा कर विदा हो गई
सुबह होते होते ही वायरल फीवर आ गया
अरे अब क्या मुसीबत आ गई
मेरी बुझी हुई शक्ल देख कर
दोनों हाथों मे लिए गिफ्ट के लिफाफे
सोफे मे फेक कर फौरन
फैमिली डॉक्टर के पास पकड के ले गई
क्लिनिक मे वो चिल्लाई
भाई साहब इनको जल्दी से ठीक करो
मेरे छोटे भाई की शादी है
मुझे लगता है कि यह कबाड़ा
करना चाहते हैं

डॉक्टर ने मेरी जीभ और छाती चेक कर
के ड़ीक्लियर कर दिया
चार दिन में ठीक हो जाएंगे
पत्नी बोली अभी आठ दिन हैं
बहुत काम हो जाएंगे
तुम चलो फालतू में ऐसे मत घूमो
आराम करो
घर आने के बाद मुझे मालूम हुआ
सेवा क्या होती है.
बाल्टी भर भर के हनीमूनी प्यार
उड़ेला जा रहा था
इतना प्यार की शादी के दिन याद आ गए
जिस दिन जोधा अकबर स्टाइल में
मेरा मंड्‍प में आगमन मे हुआ था
कमब्कत अच्छे दिन कैसे बीत गए
पता ही नहीं चला
मेरा बुखार कैसे उतर गया
पता ही नहीं चला
मैं मनाने लगा 2 दिन और मिल जाते
आईपीएल का फाइनल और.
परसो इलेक्शन रिज़ल्ट है
मैंने वायरल से बात की
वह भड़क गया
मेरा सीज़न चल रहा है
तुम्हारी तरह फालतू नही हूँ
और वो चला गया
सुबह पत्नी ने प्यार से पूछा
अब तबीयत कैसी लग रही
मै बोला अभी ठीक नहीं लग रही है
पत्नी गुस्से से बोली
चलो आज डॉक्टर के बच्चे को
आज मै देखती हूँ
क्लिनिक पहुच के मेरी पत्नी
डॉक्टर से खूब लड़ी
डॉक्टर ने मेरी जीभ नाक कान
यहां तक फेफड़े भी चेक किए
मैंने बहुत कहा मैं ठीक नहीं हूं पर वो नहीं माना
एक बार फिर मेरी आंख चेक करने के
बाद पत्नी से बोला
भाभी जी ले जाइए इनको
जैसे मर्जी इस्तेमाल कीजिए
मेरी गारंटी है
पत्नी मुझे घूरते हुए बोली तुम चलो घर
मैं आती हूं अब डॉक्टर की बारी थी
भाभीजी मैं सारी डिग्रियां जला दूँगा
अगर झूट बोल रहा होऊंगा
आप के एंड में ही फाल्ट है
घर पहुंच के मैंने चिल्ला 2 के
बीमारी को खूब गालियां दी
वायराल तो पहले ही भाग गया था
बीमारी बोली बीच मे अब मुझे मत फसाओ
नहीं मुझे 2 दिन और दे दो
मै बोला
बाकी मै खुद देख लूंगा.
बीमारी बोली मै तुम्हारे चक्कर मे नहीं आनेवाली पिछली बार तुम्हारी इतनी मार पड़ी थी कि
मेरे साथ हमेसा रहने वाला
भूत भी भाग गया था
बीबी अब घर आ चुकी थी
डॉक्टर ने कहा है कि आप बिल्कुल ठीक हो
तुम्हारे मन में वहम है
धीरे धीरे छोटे मोटे काम करने से बॉडी स्टब्लाइस हो जाएगी
पत्नी ने सब्जी और चाकू
मेरी ओर बढाते हुए बोली
लो धीरे 2 सब्जी काटो मै चाय ले के आती हूँ दो आलू मैंने जैसेतैसे काटे औरकहा
मुझे चक्कर आ रहे हैं मैं लेटने जा रहा हूं
थोड़ी देर बाद ही बीबी की दहाड सुनाई दी
देखो जी मैंने बहुत देख लिया
अब मेरा प्रोग्राम खराब मत करना
वरना देख लो
तुम्हारे घर वाले भी पानी मांगेंगे मेरे सामने चुपचाप उठकर काम करने के अलावा
कोई चारा नही था
बीमारी घर के बाहर से अंगूठा दिखाते हुए जा रही थी